लोक साहित्य के संरक्षण के लिए दिनेश रावत को ‘श्रम श्री साहित्य सम्मान’

लोक साहित्य के संरक्षण के लिए दिनेश रावत को ‘श्रम श्री साहित्य सम्मान’

देहरादून। रवांई क्षेत्र के लोक साहित्य, लोकसंस्कृति और रवांल्टी लोकभाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए साहित्यकार दिनेश रावत को ‘श्रम श्री साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उन्हें भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा संस्कृति विभाग के प्रेक्षागार, देहरादून में आयोजित ‘श्रम श्री साहित्य एवं नाट्य सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि मा. न्यायमूर्ति राकेश टण्डन के करकमलों से प्रदान किया गया।

समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रवीर गायत्री, प्रदेश महामंत्री राजीव थपलियाल सहित प्रदेशभर से आए साहित्यकार, नाट्यकर्मी और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सम्मानस्वरूप दिनेश रावत को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न, सम्मान-पत्र तथा पुष्पमाला भेंट की गई। दिनेश रावत लंबे समय से रवांई क्षेत्र की लोक परंपराओं, लोकदेवताओं, लोकगाथाओं, लोकभाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों में ‘रवांई क्षेत्र के लोकदेवता एवं लोकोत्सव’, ‘रवांई के देवालय एवं देवगाथाएँ’, ‘रवांल्टी शब्दकोश (रवांल्टी–हिन्दी–अंग्रेजी)’, ‘का न हन्दू’, ‘माटी’, ‘तेरे जाने के बाद’ तथा ‘पहाड़ बनते पहाड़’ प्रमुख हैं। दूरदर्शन उत्तराखण्ड और आकाशवाणी देहरादून से भी उनकी रचनाएँ एवं वार्ताएँ प्रसारित हो चुकी हैं।

इससे पूर्व उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘रवांई गौरव सम्मान’, ‘टीचर्स ऑफ द ईयर’, ‘देवभूमि उत्कृष्टता सम्मान’, ‘विज्ञान शिक्षक प्रसार सम्मान’, ‘श्रेष्ठ संवेदनशील शिक्षक सम्मान’ तथा अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

सम्मान प्राप्त करने के उपरांत दिनेश रावत ने कहा “लोक, लोक साहित्य, लोक संस्कृति और मातृभाषा रवांल्टी की सेवा में मिला प्रत्येक सम्मान मेरे लिए अपनी मातृभूमि का आशीर्वाद है। यह सम्मान मुझे और अधिक समर्पण, उत्तरदायित्व और नई ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

समारोह के दौरान उत्तराखण्ड की लोकगाथा पर आधारित गढ़वाली नाटक ‘दुर्पदा की लाज’ का डॉ. राकेश भट्ट के निर्देशन में उत्सव ग्रुप द्वारा प्रभावशाली मंचन भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ. नंद किशोर हटवाल, डॉ. अतुल शर्मा, स्नेही तथा नाट्यकार श्रेयश डोभाल सहित अनेक साहित्यकार एवं नाट्यकर्मी भी सम्मानित हुए।

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