देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने उत्तराखंड सरकार पर राज्य निर्माण आंदोलनकारियो को भिखारी बनाए जाने का आरोप लगाया है।
देहरादून शहीद स्मारक में पिछले 60 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत राज्य आंदोलनकारियो की सुनवाई न किए जाने का आरोप लगाते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि इतने दिन गुजर जाने के बाद भी किसी भी सरकार के मंत्री ने वहां जाना और उनकी सुनवाई करना उचित नहीं समझा।
उन्होंने कहा राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के जो तथाकथित पदाधिकारी बनाए गए हैं उनको कोई अधिकार नहीं दिए गए हैं इसलिए उनकी कोई औकात नहीं है। धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा कि वह धृतराष्ट्र ना बने और उत्तराखंड राज्य निर्माण करने वाले आंदोलनकारियो को सम्मान पूर्वक मुख्यमंत्री कार्यालय में बुलाकर उनकी मांगों का निस्तारण करें।
उन्होंने कहा सबको मालूम ही है कि अब कुछ समय चुनाव का रह गया है और यदि यह सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो निश्चित ही आने वाली सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना होगा। उन्होंने आज राज्य आंदोलनकारी द्वारा भिखारी के रूप में भीख मांगते हुए किए गए आंदोलन को सही ठहराया और मुख्यमंत्री से कहा इससे राज्य सरकार के चेहरे पर एक तरह से दाग लग गया है। जिसको धोने के लिए उन्हें आंदोलनकारी की मांगों को तत्काल पूरा करना चाहिए।


