देहरादून। भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने उत्तराखंड सरकार के अनुपूरक बजट 2026-27 में महिलाओं से जुड़े प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर प्रतिबद्ध है। बजट में किए गए प्रावधान इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार महिलाओं की आवश्यकताओं और उनके योगदान को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठा रही है।
दीप्ति रावत ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल नारों से नहीं, बल्कि अवसरों के विस्तार और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक संबल देने से सुनिश्चित होता है। चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान प्रदेश की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को नई पहचान देने का अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली भोजन माताएं शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके मानदेय के लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान उनके योगदान के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को दर्शाता है। वहीं, निराश्रित विधवा पेंशन के लिए लगभग ₹27 करोड़ का प्रावधान उन महिलाओं को आर्थिक सहारा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा की विशेष आवश्यकता है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। महिलाओं को अवसर देना, उनके श्रम का सम्मान करना और कठिन परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक संबल देना ही सशक्त उत्तराखंड की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं प्रदेश की शक्ति, संस्कृति और प्रगति की आधारशिला हैं। उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाले प्रत्येक प्रयास से राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है। धामी सरकार का संकल्प स्पष्ट है-महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, आगे बढ़ने के अवसर और आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना।



