आखिरी सत्र में सकारात्मक निर्णय लेने और जनहित में चर्चा जरूरी : भाजपा

आखिरी सत्र में सकारात्मक निर्णय लेने और जनहित में चर्चा जरूरी : भाजपा

* कांग्रेस सरकार में रही या विपक्ष में, हमेशा अन्याय ही किया: भाजपा

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस न्याय यात्रा और विधानसभा घेराव पर पलटवार कर कहा कि जनता 5 साल से इनके ऐसे राजनीतिक नाटक देख देख कर बोर हो गई है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, वर्तमान विधानसभा कार्यकाल का आखिरी सत्र है, लिहाजा जनहित में रचनात्मक और सकारात्मक निर्णय और चर्चा सदन में होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ज्वाइनिंग पर तंज कसा कि उनका पता नहीं लेकिन भाजपा में जरूर बहुत से नेता आने वाले हैं जिसपर समीक्षा हो रही है। साथ ही रावण के कद को लेकर जारी चर्चा पर कहा कि त्रिवेंद्र रावत का आशय रहा होगा, रावण जलने में अच्छा लगता है कद में नहीं।

पार्टी मुख्यालय में विभिन्न विषयों पर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विधानसभा घेराव के सवाल पर ज़बाब देते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है और कांग्रेस मुद्दा विहीन हो चुकी है। बिना मुद्दों को लेकर जब विषय बचते नहीं है तो प्रदर्शन करना ही उनका एक मात्र काम रह गया है।बेहतर होता कि सत्र में अपनी बात को रखें, सदन के अंदर विषय को रखें, जो एक अपोजिशन का काम होता है, लेकिन सदन को अव्यवस्थित करने का काम भी अभी ये लोग ही करेंगे।

जहां तक सवाल है विधानसभा घेराव कार्यक्रम का तो अभी तक यह आशय ही स्पष्ट नहीं कि कौन से मुख्य बिंदुओं पर वे घेराव कर रहे हैं। क्योंकि अधिकांश विषयों पर सरकार के काम से खुश होकर जनता ने कई समय अपना जनादेश हमे दिया है। इसलिए ऐसे झूठ एवं प्रपंच आधारित उनके शेष विषयों से जनता का कोई लेना देना नहीं, लिहाजा उन विषयों के प्रदर्शन का सरकार पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है।

वहीं भाजपा से कांग्रेस में जाने के कांग्रेसी दावों पर तंज कसा कि चुनाव वर्ष में अनेकों लोग उधर से भी आएंगे और कुछ महत्वाकांक्षी यहां से भी जाएंगे। जो चला जाता है, उसके लिए भाजपा को ज्यादा कोई कोई टिप्पणी करनी हो नहीं है। लेकिन ये सच्चाई कांग्रेसी भी जानती है कि उनके बचे हुए कुनबे से भी कुछ लोग टूटेंगे और भारतीय जनता पार्टी में आने वाले हैं। हम बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं किनको लेना है, किनको नहीं लेना है। तो बहुत जल्दी या विस्तारित स्वरूप भी आपके सम्मुख होगा।

वहीं रावण के कद को लेकर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका कहने का भाव उस रूप में नहीं है जैसा परिलक्षित हो रहा है। यह ठीक है रावण का कद हमेशा छोटा ही होना चाहिए। उन्होंने एक अपील की है सभी दशहरा के रामलीला कमेटी वालों से कि रावण जलने में ही अच्छा लगता है कद में अच्छा नहीं लगता है। लिहाजा इसको इसी रूप में देखना और समझने की जररत है।

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