आगामी विधानसभा चुनाव-2027ः 10 विधानसभाओं में बनेंगे 2,045 पोलिंग बूथ

आगामी विधानसभा चुनाव-2027ः 10 विधानसभाओं में बनेंगे 2,045 पोलिंग बूथ

* 65 बूथों पर बर्फबारी की चुनौती के लिए बनेगा कंटिजेंसी प्लान

* अंतरराज्यीय सीमाओं पर रहेगी पैनी नजर; धनबल और शराब तस्करी रोकने के निर्देश

देहरादून। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पोलिंग स्टेशनों के नामों का सत्यापन करने तथा चार-पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा।

19 पोलिंग स्टेशन शैडो एरिया में, नेटवर्क सुविधा दुरुस्त करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पोलिंग स्टेशनों पर उपलब्ध नेटवर्क सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 पोलिंग स्टेशन अभी भी शैडो एरिया में हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में जनपद के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के लिए अभी से आकस्मिकता योजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार करने तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाने के निर्देश दिए।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, तस्करी रोकने के लिए बनेगी रणनीति
जिलाधिकारी ने बताया कि देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के चार जनपदों से लगती हैं। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने तथा फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (एफएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) गठित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों में नकदी और शराब की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

12 लाख के करीब मतदाता, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के मतदान पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जनपद में कुल 11,94,797 मतदाता हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जनपद में 10,201 दिव्यांगजन तथा 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं।

उन्होंने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग तथा दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदेय स्थलों पर व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, डोली, पालकी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के तहत 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले बूथों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मतदेय स्थलों को भी चिह्नित करने को कहा, जहां पुरुषों अथवा महिलाओं का मतदान प्रतिशत कम रहा है।

उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं का प्रारूप-6 के माध्यम से मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए उनके मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। निर्वाचन ड्यूटी में तैनात पुलिस, पीआरडी जवानों, वाहन चालकों, सफाई कर्मियों और अन्य कार्मिकों के मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके साथ ही बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस और प्रशिक्षण जल्द होगा शुरू
जिलाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा सेक्टर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस जल्द तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने को कहा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी उप जिलाधिकारी तथा निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

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