* नवरात्र महोत्सवों और दशहरा मेलों में पहुंचे महापौर विकास शर्मा
रुद्रपुर। महापौर विकास शर्मा ने शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सवों, दशहरा मेलों और धार्मिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर लोगों को नवरात्र और विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विभिन्न आयोजनों में मां दुर्गा की आराधना कर सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रमों में पहुंचने पर आयोजकों और श्रद्धालुओं ने महापौर का स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

महापौर विकास शर्मा रविन्द्र नगर, मुखर्जी नगर और ट्रांजिट कैंप सहित कई स्थानों पर आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सवों में शामिल हुए। इसके अलावा उन्होंने श्रीराम पार्क और मेट्रोपोलिस में आयोजित दशहरा मेलों में भी प्रतिभाग किया। वार्ड नं. 17 खेड़ा स्थित संतोषी माता नगर में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नवरात्र का पर्व हमें बुराइयों का त्याग कर अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा ने आसुरी शक्तियों का नाश कर सत्य और धर्म की स्थापना का संदेश दिया। आज भी प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने का माध्यम भी हैं।
महापौर ने कहा कि धर्म और संस्कृति समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है। विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। मोबाइल और आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के महत्व से अवगत कराकर ही इन परंपराओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
महापौर ने कहा कि रुद्रपुर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और देवभूमि की परंपराओं को संरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। रुद्रपुर में भी संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है।
महापौर ने शहर में कराए जा रहे विकास कार्यों और धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रुद्रपुर में भव्य त्रिशूल चौक शहर की शोभा बढ़ा रहा है। डमरू चौक की स्थापना की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं और इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा शिव कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर की सीमा पर भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं शहर की पहचान को नया स्वरूप देने के साथ यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती प्रदान करेंगी।
महापौर ने कहा कि शहर के धार्मिक स्थलों का संरक्षण और उनका संवर्धन उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग से रुद्रपुर की सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध बनाया जाएगा।
विभिन्न कार्यक्रमों में दर्जा मंत्री सुरेश कोली, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, पार्षद प्रमोद शर्मा, पार्षद राजेश जग्गा, पार्षद वीनू, पार्षद पवन राणा, संदीप गुंबर, गौरव जुयाल, आशीष यादव और गोविंद शर्मा , शालू पाल, पिंटू पाल, संतोष पाल,जगदीप भाटिया, हिमांशु शुक्ला सहित अनेक लोग मौजूद रहे। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने महापौर का स्वागत करते हुए उन्हें पर्वों की शुभकामनाएं दीं।



