भाजपा की प्राथमिकता देश का भविष्य, विपक्ष की मंशा उनका राजनीतिकरण : खजान दास

भाजपा की प्राथमिकता देश का भविष्य, विपक्ष की मंशा उनका राजनीतिकरण : खजान दास

* छात्र हित में फास्ट ट्रैक कोर्ट घोषणा का भाजपा ने किया पुरजोर स्वागत

* भाजपा सरकारों ने ही नकल समस्या के समाधान पर ठोस कदम उठाये : दीप्ति रावत

देहरादून। भाजपा ने छात्र हित में पीएम मोदी द्वारा नकल के खिलाफ लिए जा रहे कड़े ऐक्शन और फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा का पुरजोर स्वागत किया है। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि हमारी सरकारों की प्राथमिकता देश का भविष्य है और विपक्ष की मंशा उसका राजनीतिकरण है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर पीएम सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने के राजनैतिक प्रपंच की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्री खजान दास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए छात्रों का हित सबसे महत्वपूर्ण है और वे इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सभी सरकारों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लिहाजा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आज प्रधानमंत्री द्वारा लिए उस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया है जिसमें पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने छात्र हितों को सुरक्षित करने के लिए, केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि अब नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह कानून 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। इसका मकसद सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और अन्य अनुचित तरीकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और हाई कोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का अनुरोध कर रही है। बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में अदालतों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

इसके तहत नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई होगी, ताकि जांच और ट्रायल में देरी न हो और जल्द फैसला आ सके। विशेष अदालतों के गठन से न सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होगी, बल्कि सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर भी मजबूत संदेश जाएगा। साथ ही भविष्य में पेपर लीक और संगठित नकल जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। CBI भी नीट पेपर लीक्स मामले में अपनी जांच लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जायेगी।

उन्होंने राहुल कांग्रेस और विपक्ष के रवैए पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वे सदन में चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। राहुल गाँधी को समझना होगा कि ये समय राजनीति का नहीं है, छात्रों की समस्याओं के समाधान का है। लेकिन, विपक्ष की मंशा नीट पर चर्चा करने की नहीं, अराजकता फैलाने की है। छात्रों और उनके मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। हम नीट पर सदन में चर्चा चाहते हैं। छात्र भी यही चाहते हैं। जिस नियम के तहत चर्चा करानी हो, जितनी देर तक चर्चा करानी हो उससे जुड़े हर मुद्दे पर सदन में चर्चा की जा सकती है। हैरानी है कि राहुल गाँधी, चर्चा से हमेशा भागते हैं,जबकि सरकार चाहती है कि पक्ष-विपक्ष मिलकर संसद में नीट और इससे जुड़े हर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करें। पेपर लीक्स की समस्या का समाधान निकालें। लेकिन राहुल गाँधी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बना कर रखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, पेपर लीक एक समस्या है और कांग्रेस सरकार के समय में भी दर्जनों पेपर लीक हुए थे। लेकिन यह मोदी सरकार ने जिसने परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाने के लिए कड़े कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं। दर्जनों गिरफ्तारियां हुई हैं और पिछले एक महीने में तीन लीक-प्रूफ परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। यूपीए की सरकार जब आई थी तब शिक्षा का बजट केवल ₹8,225 करोड़ रखा था जो कि आज ₹1.39 लाख करोड़ है। एम्स हो, आईआईटी हो, कॉलेज सब में काफी वृद्धि हुई है। भाजपा इस चर्चा के बजाय समस्या का स्थायी समाधान चाहती हैं।

इस मौके पर प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि नकल और पेपर लीक पर रोकथाम में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में धामी सरकार ने शानदार एवं ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सबसे कठोर नकल कानून के संरक्षण में प्रदेश से नकल माफियाओं का पूरा सफाया किया है। सैकड़ों नकल अपराधी सलाखों के पीछे किए और पारदर्शी एवं ईमानदार परीक्षा प्रक्रिया का मजबूत ढांचा तैयार किया गया। जिसका नतीजा रहा कि 40 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां का सर्वकालिक रिकॉर्ड कायम हुआ हैं वो भी बिना किसी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों के। विगत वर्षों में जो प्रकरण संज्ञान में आया, उस पर त्वरित कठोरतम कार्रवाई की गयी, युवाओं की इच्छा अनुशार सीबीआई जांच से लेकर दोबारा परीक्षा तक संपन्न कराई गई। जो एक कल का प्रकरण भी सामने आया है, उसमें भी जानकारी मिलते ही आरोपी को सेवा से हटा दिया गया है और दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। हालांकि वह केवल एक ही कॉलेज की इंटरनल परीक्षा का प्रकरण है, फिर भी उसे बेहद गंभीरता से लिया गया है और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की सरकार किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी। राजनैतिक नफा नुकसान से ऊपर उठते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीएम मोदी के द्वारा बताए सिद्धांत ‘ज्ञान’ में हम युवा शब्द की अहमियत को बखूबी समझते है। 2047 तक विकसित भारत का निर्माण इनके मजबूत कंधों पर ही होना है, लिहाजा हमारी सरकारें युवाओं से जुड़े किसी भी मुद्दे कभी समझौता नहीं करेगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी एवं प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी भी उपस्थित रहे।

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