* उत्साहवर्धक: एक करोड़ घरों को सोलर एनर्जी उत्पादन से जोड़ने की दिशा में भारत ने आधा सफर किया तय
देहरादून। एक करोड़ घरों की छतों को सोलर एनर्जी उत्पादन से जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में भारत ने लगभग आधा सफर तय कर लिया है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी में ये बताया गया कि नवीनीकरण ऊर्जा क्षमता के विकास में तेजी से आगे बढ़ते हुए आज रिकॉर्ड 288 गीगावाट ऊर्जा के प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा राज्यसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से यह हौसला बढ़ाने वाली जानकारी सामने आई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विकास और इसकी स्थापना को बढ़ावा देने तथा उसमें तेजी लाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रर्मों का कार्यान्वयन कर रही है।
288.58 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित, 46.95 लाख घर रूफटॉप सौर स्थापनाओं से लाभान्वित
इस वर्ष 30 जून तक देश में कुल मिलाकर 288.58 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है, जिसमें 162.15 गीगावॉट सौर विद्युत, 57.44 गीगावॉट पवन विद्युत, 57.24 गीगावॉट जल विद्युत और 11.75 गीगावॉट जैव विद्युत शामिल हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत, 2027 तक 1 करोड़ घर रूफटॉप सौर स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष 15 जुलाई तक 46.95 लाख घर रूफटॉप सौर स्थापनाओं से लाभान्वित हुए हैं। और पीएम कुसुम के तहत, घटक ए के तहत 1726.92 मेगावाट क्षमता स्थापित की गई है, घटक बी के तहत 11.49 लाख से अधिक सौर कृषि पंप स्थापित किए गए हैं, और 30 जून की स्थिति के अनुसार, घटक सी के तहत 16.32 लाख से अधिक ग्रिड कनेक्टेड कृषि पंपों को सौरीकृत किया गया है।
इसी तरह राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत, 3000 मेगावाट प्रति वर्ष इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता और 7,56,100 मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है। भारत में 11 उर्वरक इकाइयों को ग्रीन अमोनिया (ग्रीन हाइड्रोजन का डेरेवेटिव) के 6,70,000 मिट्रिक टन प्रति वर्ष के उत्पादन और आपूर्ति के लिए ग्रीन अमोनिया बिक्री और खरीद करारों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, तेल कंपनियों की रिफाइनरियों को आपूर्ति के लिए 30 हजार टन प्रति वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और आपूर्ति क्षमता आवंटित की गई है।
उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूलों के एकीकृत विनिर्माण क्षमता स्थापित करने पर जोर
इसके अतिरिक्त 40,000 मेगावाट क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य के साथ सौर पार्कों और अल्ट्रा-मेगा सौर विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए योजना पर काम चल रहा है।
देश में सौर ऊर्जा के विकास में बड़ी बाधा थी उच्च दक्षता सौर पीवी मॉड्यूलों में गीगा वाट स्तर की विनिर्माण क्षमता प्राप्त करना। जिसके लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना “उच्च दक्षता सौर पीवी मॉड्यूलों पर राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस योजना में उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूलों की पूर्ण, आंशिक रूप से एकीकृत विनिर्माण क्षमता स्थापित करने की व्यवस्था है।
जनजाति क्षेत्रों को सोलर ऊर्जा से रोशन करने के लिए 915 करोड़
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान यानि पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत नई सौर विद्युत योजना जनजातीय और पीवीटीजी बस्तियों, गांवों के लिए में 915 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ऑफ-ग्रिड सोलर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है, जहां ग्रिड के माध्यम से बिजली की आपूर्ति तकनीकी-आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम होगा तैयार
जल विद्युत विकास योजना 1 मेगावाट से 25 मेगावाट क्षमता की इकाइयों से लगभग 1,500 मेगावाट नई एसएचपी क्षमता स्थापित करने लक्ष्य पर तेजी से कार्य हो रहा है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और उसके डेरेवेटिव्स के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक ग्लोबल हब बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया। इसी तरह एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया गया है ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज़ l और ॥, जिसका उद्देश्य है नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम तैयार करना।

