* कांग्रेस बताए, अपात्र, फर्जी और दोहरे वोटर ,उसके ही समर्थक कैसे? : भट्ट
* उत्तराखंड का फैसला राज्य की देवतुल्य जनता करेगी, फर्जी और घुसपैठिए वोटर नहीं: भट्ट
* सबूत पेश करे अन्यथा संवैधानिक प्रक्रिया को बदनाम करना बंद करे कांग्रेस : भट्ट
देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस द्वारा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद, तथ्यहीन और राजनैतिक हताशा से प्रेरित बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने निशाना साधा कि अपात्रों एवं घुसपैठियों के नाम हटाये जा रहे हैं, यदि उनमें अधिकांश कांग्रेस समर्थक हैं तो उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए कि ऐसा क्यों है? बावजूद इसके संवैधानिक प्रक्रिया पर अनर्गल सवाल उठाकर, कांग्रेस ध्यान भटकाने की नाकाम कोशिश कर रही है।
मीडिया को दी प्रतिक्रिया में उन्होंने, लगतार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं अन्य नेताओं पर एसआईआर के तहत फार्म 7 और अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर झूठ एवं भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर का सीधा और स्पष्ट उद्देश्य ही मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है। जो लोग अपात्र हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं, नियमानुसार उनके नाम सूची से हटाए जाना एक तय कानूनी प्रक्रिया है। इसी क्रम में फार्म 7 भी एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मतदाता को प्रदत्त कानूनी अधिकार है, जिसमें मृत्यु, शिफ्ट होने या गलत जानकारी देकर जुड़े नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है। ऐसे में यदि कुछ गलत नहीं है तो किसी भी वैध वोटर का नाम कट ही नहीं सकता, लिहाजा किसी को डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन कांग्रेस इस सरल प्रक्रिया को लेकर झूठ एवं भ्रम फैला रही है।
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए सवाल उठाया, “यदि एक पल के लिए कांग्रेस के आरोपों को मान भी लिया जाए, तो कांग्रेस अध्यक्ष को प्रदेश की जनता को जवाब देना और भी अधिक जरूरी हो जाता है। कि जांच में जो भी फर्जी, अयोग्य और अपात्र पाए जा रहे या पाये जायेंगे, वे सब कांग्रेस के ही समर्थक क्यों निकल रहे हैं या निकलनेगे? नेता प्रतिपक्ष को भी आत्मचिंतन करना होगा कि ऐसा क्यों होता है, हर बार धांधली और गड़बड़ी करने वालों में ही कांग्रेस को अपने समर्थक नजर आते हैं?”
उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल कांग्रेस का यह दर्द लोकतंत्र के प्रति नहीं, बल्कि अपने खास वोट बैंक के खिसकने का है। हकीकत यह है कि कांग्रेस एक खास वर्ग के घुसपैठियों को राजनैतिक संरक्षण देना चाहती है। आज जब वर्ग-विशेष के दोहरे और अवैध वोटरों के नाम कट या उनपर जागरूक मतदाता आपत्ति कर रहे हैं, तो कांग्रेस को सबसे ज्यादा पीड़ा हो रही है। इससे तो यही साबित होता है कि कांग्रेस को प्रदेश के वैध मतदाताओं की चिंता नहीं बल्कि अपने असल वोट बैंक, अवैध एवं घुसपैठियों की चिंता है
वहीं पार्टी का स्टैंड दोहराते हुए कहा कि भाजपा और सरकार का रुख बिल्कुल साफ और स्पष्ट है, उत्तराखंड के भविष्य और यहां की सरकार का निर्णय देवभूमि की सम्मानित जनता करेगी, कोई फर्जी वोटर या अवैध घुसपैठिया नहीं। कानून के दायरे में रहकर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का यह काम मजबूती से जारी रहेगा।

