* एफसीआरए बिल से राज्य में भी धर्मांतरण सोच पर सौ फीसदी रोक लगेगी : भाजपा
* विदेशी दान पर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ वालों के बचाव में है विपक्ष: भाजपा
देहरादून। भाजपा ने संसद में एफसीआरए बिल का पूर्ण समर्थन करते हुए इसे देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, विदेशी फंडिंग को लेकर इस कड़े कानून से राज्य में भी धर्मांतरण की सभी साजिशाना सोच पर पूर्णतया लगाम लगेगी।
उन्होंने विभिन्न माध्यमों से मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि विभिन्न संस्थाओं एवं एनजीओ को विदेशों से फंडिंग होती है। लेकिन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है कि इस फंडिंग का बहुत बड़ा हिस्सा बताए गए उद्देश्यों के विपरीत असामाजिक और गैरकानूनी गतिविधियों में भी इस्तेमाल होता है। उत्तराखंड में भी विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत सी संस्थाएं सामाजिक कार्यों की आड़ में लगातार धर्म परिवर्तन के प्रयास में लगे रहते हैं। हालांकि प्रदेश की धामी सरकार ने कठोरतम धर्मांतरण कानून से ऐसी साजिशों वालों पर लगाम लगाकर उनके मध्य खौफ पैदा किया है। ऐसे में भाजपा चाहती है प्रदेश में भी विदेशी फंडिंग से प्रयासरत धर्मांतरण की सोच पर भी सौ फीसदी लगाम लगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एफसीआरए नियमों में संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी फंडिंग में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाना, गैर-कानूनी गतिविधियों पर नकेल कसना और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखना है। हमारा मानना है कि विदेशी धन का उपयोग देश की आंतरिक शांति, सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने या राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने के लिए किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। इस बिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश में आने वाले हर विदेशी योगदान का उपयोग केवल तय और वैध कार्यों के लिए हो।
उन्होंने इस बिल पर विपक्ष के दोहरे रवैये पर हमला करते हुए कहा कि वे विरोध केवल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों और संदिग्ध विदेशी फंडिंग से चलने वाले संगठनों को बचाने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में विपक्ष का यह रुख उनके राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अगंभीर रवैये को उजागर करता है। उन्हें हैरानी जताई कि किसी को आपत्ति कैसे हो सकती है, संशोधनों के ज़रिए नियमों को कड़ा कर संदिग्ध गतिविधियों और संस्थानों पर पैनी नज़र रखी जाएगी, ताकि कोई भी विदेशी अंशदान देश विरोधी एजेंडे में इस्तेमाल न हो सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री के इस राष्ट्रहितैषी निर्णय का स्वागत करती है। साथ ही सभी दलों से भी आग्रह किया कि वे देश को सशक्त बनाने वाले इस कानून का समर्थन करें।

