चुनाव नहीं हारने की गलतफहमी हरक को, जनता ने तो अनेकों बार हराया : चमोली

चुनाव नहीं हारने की गलतफहमी हरक को, जनता ने तो अनेकों बार हराया : चमोली

* लोकसभा, विधानसभा में अपनी हार को हरक भूले, जनता नहीं : चमोली

देहरादून। भाजपा विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के सभी विधानसभाओं से जीत दर्ज करने के दावों को उनकी गलतफहमी करार दिया है। क्यूंकि वे लोकसभा, विधानसभा समेत अनेकों चुनावों में करारी शिकस्त झेल चुके हैं, जिसे वो और कांग्रेस भूल सकती हैं लेकिन जनता नहीं। हालांकि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, लेकिन ऐसा झूठा दावा भी कांग्रेस में ही संभव है।

पार्टी मुख्यालय में हरक सिंह के दावों को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें नहीं हारने की गलतफहमी हो सकती है, लेकिन जनता को नहीं। वहीं स्पष्ट किया कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और ऐसे दावे भी कांग्रेस में ही संभव है। कांग्रेस भाजपा की कार्यपद्धति और कार्यकर्ता का अंतर बताते हुए उन्होंने स्वयं का उदाहरण दिया। कहा, मैं भाजपा में पिछले 40 साल से काम कर रहा हूँ। छह बार मैं भी चुनाव लड़ा और सभी चुनाव जीता भी हूँ। लेकिन कभी मैंने यह नहीं कहा कि मेरी पार्टी यहाँ से मुझे चुनाव लड़ाए या मैं यहाँ से चुनाव लडूंगा। मैं आज भी धर्मपुर सीट से दो बार से विधायक हूँ। पार्टी का एक वरिष्ठ कार्यकर्ता हूँ।
​ पार्टी की मंशा भी मुझे मालूम है। फिर भी उसके बावजूद कभी दावा नहीं किया कि मैं धरमपुर से चुनाव लडूंगा, पार्टी का आदेश सर्वोपरि रहा। और आज भी पार्टी लड़ाएगी तो ही लडूंगा।

वहीं हरक पर तंज कसा कि अब वे यह कहने की स्थिति में हैं या कांग्रेस उनको इतनी छूट दिए हुए है। फिलहाल तो यह कांग्रेस का अंदरूनी मसला है, लेकिन बड़ी बात ये है कि एक कार्यकर्ता कहे कि मैं यहाँ भी लडूंगा, वहाँ भी लड़ सकता हूँ और वहाँ भी लड़ सकता हूँ। उसपर ये दावा कि जहाँ भी लड़ाओगे मैं वहाँ जीत सकता हूँ। लेकिन इसपर मेरा यह मानना है कि यह दावा सामान्य तौर पर किसी को करना नहीं चाहिए और जहां तक सवाल है हरक सिंह का तो वे पहले भी चुनाव हारे हैं। वे पहले विधानसभा भी हारे हैं, तो वह लोकसभा भी हारे हैं और पिछली बार लैंसडाउन में अपने पुत्रवधू को लड़ा रहे थे, अप्रत्यक्ष रूप से लड़ तो वही रहे थे, वहाँ भी चुनाव हारे हैं। वहीं व्यंग किया कि इसीलिए शायद उन्होंने 99 फीसदी जीत का दावा किया। 1 फीसदी हार के लिए गुंजाइश उन्होंने छोड़ी भी है कि कहीं अगर हारेंगे तो कहेंगे, तो कहेंगे मैंने पहले ही कहा था, हार भी सकते हैं।

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