कांग्रेस में अलोकतांत्रिक परम्परा और अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है ऐसी अराजकता : खजान दास

कांग्रेस में अलोकतांत्रिक परम्परा और अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है ऐसी अराजकता : खजान दास

देहरादून। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा एसएसपी कार्यालय में किए व्यवहार और प्रयोग की गई भाषा पर गहरा दुख जताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।

उन्होंने कहा कि यशपाल आर्य का यह आचरण अमर्यादित, शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और अराजक था। जो कहीं न कहीं ये अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने एक दूसरे से बड़ा और चर्चित दिखने की कांग्रेसी रस्साकस्सी का परिणाम था। अराजक और अलोकतांत्रिक दिखने में बेशक अलअमान के सामने यशपाल आर्य जीत गए लेकिन जनता की नजर में कांग्रेस फिर से हार गई है।

मीडिया में प्रतिक्रिया देते हुए खजान दास ने कहा कि यशपाल आर्य हमेशा से अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन उनका ऐसा उग्र और अमर्यादित रूप देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह साफ तौर पर कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है, जहां नेता अपने आलाकमान के सामने एक-दूसरे से बड़ा साबित होने की होड़ में लगे हैं। कांग्रेस के सभी क्षेत्रीय नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और आलाकमान को यह दिखाना चाहते हैं कि वे मीडिया में कितने चर्चित हैं और राहुल गांधी की नकल करके कितनी अराजकता फैला सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि गुटबाजी की इस लड़ाई के मौजूदा चरण में भले ही यशपाल आर्य बाजी मारते दिख रहे हों, लेकिन इस तरह के आचरण से कांग्रेस पार्टी एक बार फिर जनता की नजरों में पूरी तरह हार चुकी है। प्रशासनिक गरिमा पर जोर देते हुए खजान दास ने कहा किलोकतांत्रिक व्यवस्था में हर राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाना और ऑन-ड्यूटी अधिकारियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। जनप्रतिनिधियों को अपने मतभेद संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा के दायरे में रहकर हल करने चाहिए।

उन्होंने इस पूरी घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य करार दिया।

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