देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने 32 वर्ष होने के बाद भी मुजफ्फरनगर कांड के द्वारा दोषियों को सजा ना मिलने के लिए राज्य सरकारों की लचर पैरवी को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार में थी तो उत्तर प्रदेश में अधिकांश समय भाजपा की सरकारे थी और उनका अपेक्षित सहयोग उन्हें ना मिल पाने के कारण वहां पर अपराधियों को सजा दिलाने में कठिनाई हुई लेकिन उन्होंने कहा कि अब तो दिल्ली देहरादून और लखनऊ में तीनों जगह ट्रिपल इंजन की सरकारें है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग है कि वह विधि वेत्ताओं का एक दल बनाकर इस मामले में गंभीर प्रयास करें। जिससे कि जल्दी से जल्दी बचे हुए अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
उन्होंने अफसोस जताया कि आज भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और आंदोलनकारी की आंखों में आंसू है उन्होंने 1994 की घटनाओं की जिम्मेदारी का फैसला करने के लिए स्मार्ट कोर्ट के गठन की भी आवश्यकता पर बल दिया है।

