देहरादून। भारतीय जनता पार्टी जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने उत्तराखंड दौरे के दौरान अनुसूचित जनजाति मोर्चा की देहरादून में संगठनात्मक बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं।

डॉ. रावत ने कहा कि दक्षिण भारत में जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र थे, वहां नक्सलवाद को समाप्त किया गया है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस संपूर्ण देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर सरकारी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहीं अनुसूचित जनजाति मोर्चा और भाजपा संयुक्त रूप से जनजाति समाज के गौरव और उत्थान के कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जनजाति समाज के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में जनजातीय गांवों को अंतिम गांव कहा जाता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे प्रथम गांव घोषित किया है। उन्होंने कहा कि सीमाओं के प्रहरी जनजाति समाज के लोग हमेशा राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से काम करते हैं।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, महामंत्री संगठन फणीन्द्र नाथ शर्मा जनजाति मोर्चा की प्रभारी एवं भाजपा महामंत्री डॉ. दीप्ति रावत भारद्वाज, कैबिनेट मंत्री खजान दास, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़, अनुसूचित जनजाति आयोग पूर्व अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अनिल गौड, गढ़वाल संयोजक रतन रावत सह संयोजक गजेंद्र जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, प्रताप सिंह रावत, दिनेश तोमर, रितेश असवाल, जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह नेगी, प्रभाकर जोशी, नरेश सिंह, मनोज रावत, भुवन राणा, पूनम राणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे।



